राजधानी भोपाल की अरबों रुपए की संपत्तियों और शत्रु संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन ने सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर सहित नवाब परिवार के नाम दर्ज संपत्ति रिकॉर्ड को फिर से खंगालने का निर्णय लिया है। इसके लिए जांच की मांग करते हुए प्रशासन को पत्र सौंपा गया है।

मर्जर एग्रीमेंट बना जांच का आधार

समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने सोमवार को अपर जिला मजिस्ट्रेट सुमित कुमार पाण्डे को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जांच 29 अप्रैल 1949 को भारत सरकार और नवाब हमीदुल्ला खान के बीच हुए मर्जर एग्रीमेंट के आधार पर हो। इस एग्रीमेंट में सरकारी जमीन और नवाब परिवार की संपत्तियों की सूची दर्ज है, जिसे जांच का आधार बनाने की बात कही गई है।

कानूनी पेच और देरी से गड़बड़ी

कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर सहित शहर के कई इलाकों में नवाबी संपत्तियों पर कानूनी विवाद है। सैफ अली खान ने पूर्व में हाईकोर्ट में 1370 एकड़ भूमि को नवाब की व्यक्तिगत संपत्ति बताया था। अब जांच समिति से इनकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

जांच के घेरे में पूरा नवाब परिवार

नवाब हमीदुल्ला खान की बड़ी बेटी पाकिस्तान चली गई थी, जिसके नाम की संपत्ति को शत्रु संपत्ति माना जा रहा है। इसी आधार पर पूरा नवाब परिवार जांच के दायरे में है। इसमें सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर शामिल हैं। इस मामले में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय तक मांग पहुंच चुकी है।

करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा

भोपाल में नवाब परिवार की कई संपत्तियां पहले ही अन्य लोगों के कब्जे में जा चुकी हैं। करोड़ों की संपत्ति के खुर्दबुर्द होने के बाद अब नए सिरे से जांच शुरू होने से सैफ अली खान और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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